महाराष्ट्र के CM उद्धव ठाकरे के इस फैसले की कंगना रनौत ने की आलोचना, जानें- क्या कहा


मुंबई: फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर एक बार फिर निशाना साधा है. मामला मुंबई शहर के बीचो बीच स्थित आरे जंगलों में मेट्रो कार शेड परियोजना का है. उद्धव ठाकरे ने रविवार को घोषणा करते हुए कहा था कि सरकार अब कार शेड का काम आरे की बजाए कांजुरमार्ग पर करेगी. अब सीएम उद्धव ठाकरे के इस फैसले पर कंगना ने ट्वीट कर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

बता दें कि कई पर्यावरणविद पिछली बीजेपी-शिवसेना सरकार के दौरान आए इस प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे थे. इस परियोजना के तहत हजारों पेड़ काटे जाने थे. बॉलीवुड के कई सितारे भी इसका विरोध कर रहे थे. कंगना ने ट्विटर पर आरे में मेट्रो कार शेड परियोजना का विरोध करने वाले लोगों को फैंसी एक्टिविस्ट बताया है.

कंगना ने ट्विटर पर लिखा, ‘पहले तो यह कि दुनिया के कुछ फैंसी एक्टिविस्टों की समस्याएं मुंबई वालों की समस्याएं नहीं हैं, पिछले साल मैंने एक लाख से ज्यादा पौधे लगाए थे, पेड़ों को काटना अच्छा नहीं है, लेकिन केवल शक्तिशाली और अमीर एजेंडे के अनुरूप शहरीकरण को रोकना, समाधान नहीं बल्कि समस्या का हिस्सा है’.



बता दें कि रविवार को महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे एक वेबकास्ट के जरिए जनता को संबोधित कर रहे थे. इसी दौरान उन्होंने कहा कि हम आरे में प्रस्तावित मेट्रो कार शेड के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस ले रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘हम उन लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेते हैं, जो आरे में प्रस्तावित मेट्रो कार शेड के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे. प्रस्तावित कार शेड को आरे से कांजूरमार्ग पर स्थानांतरित कर दिया गया है.

कांजुरमार्ग में एक सरकारी भूमि में स्थानांतरित कर दिया जाएगा और इसके लिए कोई लागत नहीं लगेगी. उन्होंने कहा, ‘भूमि बिना किसी शुल्क पर उपलब्ध कराई जाएगी.’ ठाकरे ने कहा कि आरे के जंगल में जो इमारत खड़ी हुई है उसका उपयोग किसी अन्य सार्वजनिक उद्देश्य के लिए किया जाएगा. उन्होंने कहा, ‘इस उद्देश्य के लिए लगभग 100 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे और यह बेकार नहीं जाएगा.’

उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले 600 एकड़ की जमीन को जंगल घोषित किया था, लेकिन अब इसे संशोधित कर 800 एकड़ कर दिया गया है. सीएम ने आश्वस्त किया कि आरे जंगल में आदिवासियों के अधिकारों का कोई उल्लंघन नहीं होगा. बता दें कि पिछली सरकार में जब शिवसेना और बीजेपी साथ थे तब भी आदित्य ठाकरे ने आरे जंगलों को बचाने के लिए हो रहे प्रोटेस्ट का समर्थन किया था.

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