कोविड-19 से जंग लड़ रहे 85 साल के एक्टर सौमित्र चटर्जी, डॉक्टर्स बोले- उन्हें बुखार नहीं, लेकिन वे हाई रिस्क जोन में हैं


एक घंटा पहले

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सौमित्र चटर्जी ने अपने करियर में करीब 100 फिल्मों में काम किया है।

  • सौमित्र चटर्जी ने डायरेक्टर सत्यजीत रे के साथ 14 फिल्मों में काम किया है
  • 2012 में चटर्जी को दादा साहब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था

दिग्गज बंगाली फिल्म अभिनेता सौमित्र चटर्जी कोलकाता के एक अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हैं। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। रिपोर्ट्स में उनका इलाज कर रहे डॉक्टर्स के हवाले से लिखा गया है कि 85 साल के सौमित्र बेचैन और अर्ध-चेतन अवस्था में हैं। हालांकि, उनका ऑक्सीजन लेवल नॉर्मल हो गया है। मंगलवार को जब उन्हें अस्पताल लाया गया था, तब उनका ऑक्सीजन लेवल काफी कम था। सौमित्र का कोविड-19 टेस्ट पॉजिटिव आया था।

अभी हाई रिस्क जोन में हैं सौमित्र

न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में एक डॉक्टर ने कहा,”सौमित्र का सोडियम लेवल सही है। लेकिन पोटेशियम लेवल कम है, जिसमें सुधार की कोशिश की जा रही है। चटर्जी काफी सुस्त, गंभीर रूप से संशय वाली स्थिति में और बेचैन हैं। उनके ऑक्सीजन लेवल को सामान्य कर लिया गया है और उन्हें बुखार भी नहीं है। लेकिन वे अब भी हाई रिस्क जोन में हैं।”

डॉक्टर्स 24 घंटे निगरानी कर रहे

अस्पताल के डॉक्टर्स 24 घंटे सौमित्र की निगरानी कर रहे हैं। बेचैनी की शिकायत के बाद उन्हें शुक्रवार को आईटीयू में भेजा गया था। वे बेहद कन्फ्यूजल स्टेज में थे। इससे पहले चटर्जी की बेटी पौलोमी बसु ने कहा था कि स्वास्थ मानकों के मुताबिक, उनकी हालत सामान्य है। उन्होंने कहा था, “डॉक्टर्स की टीम मेरे पिता को देख रही है। उनके मुताबिक, उनकी हालत स्थिर है। उनका ब्लड प्रेशर नॉर्मल है और उन्हें ऑक्सीजन की जरूरत भी नहीं है।”

सत्यजीत रे के साथ कोलेबोरेशन पॉपुलर रहा

सौमित्र चटर्जी को खासकर ऑस्कर विनिंग डायरेक्टर सत्यजीत रे के साथ कोलेबोरेशन के लिए जाना जाता है। दोनों ने साथ में 14 फिल्मों में काम किया था। ये बांग्ला फिल्में हैं – ‘अपुर संसार’, ‘देवी’, ‘तीन कन्या’, ‘अभिजन’, ‘चारुलता’, ‘कुपुरुष’, ‘अरंयेर दिन रात्रि’, ‘अशनी संकेत’, ‘सोनार केला’, ‘जोय बाबा फेलुनाथ’, ‘हीरक राजार देशे’, ‘घरे बैरे’, ‘गणशत्रु’ और ‘शाखा प्रोशाखा’।

चटर्जी ने अपने करियर में करीब 100 फिल्मों में काम किया है, जिनमें दो हिंदी फिल्में ‘निरुपमा’ और ‘हिंदुस्तानी सिपाही’ भी शामिल हैं। उन्होंने हिंदी में ‘स्त्री का पत्र’ नाम से फिल्म डायरेक्ट भी की है।

ये बड़े सम्मान भी मिले

  • 2012 में एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का सबसे बड़ा सम्मान दादा साहब फाल्के अवॉर्ड मिला।
  • तीन बार नेशनल फिल्म अवॉर्ड से नवाजे गए।
  • 2004 में भारत सरकार ने सौमित्र को पद्म भूषण से सम्मानित किया।

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